महिलाओं में पीरियड्स की समस्या और लिकोरिया को कैसे ठीक करें ?
देखिए महिलाओं में 12-13 वर्ष के उम्र में मासिक धर्म चक्र शुरुआत हो जाती है और अजीवन यह चक्र चलता रहता है जिसमें महिला की योनि मार्ग से रक्त आता है यह महिलाओं के अलग अलग समय 3 दिन 5 दिन 7 दिन का होता है जिसकी हर महीने नियमित तिथि पर ऐसा होता ही है, और वही इसके चक्र में कोई बदलाव आये और अनियमित हो जाए इस विषय पर पुरी जानकारी देने का प्रयास करुंगा
1. मासिक धर्म चक्र क्या है ?
जैसा कि मैंने पहले ही बता दिया है कि महिलाओं में पीरियड्स आना लगभग नियमित है जो महीने में एक बार कुछ दिनों तक रहता है जिसमें रक्त शुद्धि होती है
2. मासिक धर्म चक्र बिगड़ने का कारण क्या है ?
अक्सर मेरे पास मरीज आते हैं तो वह अलग अलग प्रकार की बातें बताते हैं
• पहला कारण शरीर में कमजोरी का होना और लगातार घर गृहस्थी के कार्यों में उलझे होने के कारण थकान महसूस करना या यूं कहें कि महिलाओं के लिए परिवार की जिम्मेदारी संभालने का बड़ा हिस्सा जो कि घर के काम काज होते हैं वो आता है जिसमें यह संभव है कि उनके शारीरिक रूप से कमजोरी आना और मासिक धर्म चक्र में गड़बड़ी होना
• बिना शादी शुदा लड़कियों का भी हाल देखें तो भाग-दौड़ भरी जिंदगी में कहीं ना कहीं एक दैनिक दिनचर्या में बदलाव देखने को मिलता है उसके अलावा समय पर भोजन ना करना भुखे रहना वगैरह वगैरह, इस वजह से शरीर में कमजोरी आती है
• सबसे बड़ा कारण यही होता है कि शरीर का कमजोर पड़ना उसके बाद शरीर के हार्मोनल संतुलन में बदलाव और पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को देखा जाये तो शारीरिक रूप से थोड़े कमजोर होते हैं शुरू से और वहीं दैनिक दिनचर्या में बदलाव आने पर पुरी तरीके से कमजोरी जकड़ लेती है और यही से प्रथम चरण की शुरुआत होती है पीरियड्स संबंधित बीमारी की !
3. पीरियड्स समय पर नहीं आने के क्या नुकसान हैं ? और क्या लक्षण दिखाई देते हैं ?
• देखिए एक सामान्य महिला की मासिक धर्म चक्र में बदलाव होने पर सबसे बड़ी जो दिक्कत होती है वो है पेट का बहुत ज्यादा दर्द करना साथ ही रक्त जाने पर बहुत तकनीक होना और यह असहनीय दर्द को एक महिला ही ज्यादा समझ सकती है
• इसके नुकसान की बात करें तो सबसे बड़ा नुक्सान शरीर की बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी साथ साथ पीरियड्स ना आने पर चेहरे में शरीर में दाने का उभरना, खुजली जैसी समस्या होना शामिल है, और इस कारण कई महिलाएं तरह तरह के रक्त शुद्धि सिरप गोली सब खाने लगती हैं , और यह होता भी है क्योंकि चिड़चिड़ापन और शरीर में परेशानी बढ़ने लगती है ?
• पीरियड्स ना आने पर एक से अधिक बीमारियों का डेरा जमने लगता है और कुछ समय बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता इतनी कमजोर पड़ जाती है कि हर महीने कोई ना कोई रोग होने लगता है !
4. पीरियड्स की समस्या बढ़ने पर लिकोरिया की समस्या आती है ?
जी हां महिलाओं की बीमारी को अगर समझना है तो थोड़ा सा एक नजर पुरुषों पर मार लेते हैं जिस प्रकार पुरुषों को शीघ्रपतन के बाद वीर्य का पतलापन और बाद में धातु निकलता है जो कि पेशाब करते समय सफेद रंग का वीर्य निकल जाता है, ठीक उसी प्रकार महिलाओं को हो जाता है सफेद पानी आना शुरू हो जाता है और योनि मार्ग में जलन खुजली होने लगता है
• महिलाओं में प्रथम चरण में सफेद पानी का आना होता है और शरीर में इतनी थकावट या कमर में इतना दर्द होने लगता है मानों वो बड़े बुजुर्ग महिला हों और शरीर बेजान पड़ जाता है, और इस चरण तक आने में कुछ समय लगता है क्योंकि महिलाओं के आंतरिक शक्ति की बात करें तो पुरुषों के मामलों से मजबूत होते हैं, पर जब यह रोग घेर लेता है तो नाना प्रकार के रोग होने लगते हैं !
5. सफेद पानी आने के बाद योनि से रक्तस्राव रक्त प्रदर होने लगता है ?
देखिए विवाहित महिलाएं जो होती है उनके बच्चे अगर हो गये हैं तो जाहिर सी बात है कि उन्हें रक्त प्रदर होना संभव है वहीं बिना शादी शुदा लड़कियों की बात करें तो उन्हें सफेद पानी आता है
पर ऐसा क्यों होता है यह सवाल के जवाब जानना चाहते हैं तो सुनिए !
योनि मार्ग में किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन होने पर वह एक प्रकार के संक्रमण का जन्म होता है और यह धीरे-धीरे बच्चे दानी तक पहुंच कर बच्चे दानी पर घाव बना देता है और आप इस से भले ही अन्जान हों, पर एक बात गौर कीजियेगा की पति पत्नी के बीच शारिरिक संबंध स्थापित करने के कुछ दिनों बाद दर्द महसूस होता है और फिर योनि से रक्तस्राव होता है
• अगर सच्चाई कहुं तो मैंने अबतक जितने मरीजों को ठीक किया है उसमें कुछ लोगों को बच्चेदानी में संक्रमण बढ़ने की वजह से आपरेशन करके बच्चेदानी को निकालने तक कि बात कही गयी है, और ऐसे स्थिति वालों को भी मैंने ठीक किया है !
6. रक्त प्रदर लिकोरिया होने पर बच्चे पैदा नहीं कर सकते ?
देखिए बच्चे पैदा नहीं होंगे यह कहना सही नहीं होगा बल्कि यह कहना सही होगा की बच्चा रोगी पैदा होगा और साथ ही साथ मां को खतरा बढ़ जाता है बच्चे के जन्म समय पर , क्योंकि खून की कमी हो जाती है और स्वस्थ महिलाओं का भी खून कम हो जाता है ऐसे समय में
पर सोचिए जहां महिला को पहले से रक्त प्रदर लिकोरिया है तो उसमें खून तो ना के बराबर होगा !
रक्तप्रदर बहुत ही जटिल समस्या है जोकि योनि मार्ग को और बच्चे दानी को बहुत छति पहुचाता है
7. पति को पत्नी से संबंध बनाने पर शरीर में चेचक क्यों होता है ?
देखिए बहुत ही अच्छा सवाल किया है आपने ! इसका सीधा जवाब देना चाहुंगा जब महिलाएं किसी प्रकार के योनि रोग से पीड़ित हैं तो यौन संबंध बनाने पर पति को इंफेक्शन होना आम बात है और यह लक्षण 15-20 दिन बाद दिखाई देता है जिसके बाद शरीर में दाने खुजली और चेचक (छोटी माता बड़ी माता) जैसी समस्या हो जाती है
• स्वस्थ महिलाओं में भी पीरियड्स आने के सप्ताह भर तक में शारीरिक संबंध बनाने से चेचक जैसी समस्या पुरुषों महिलाओं दोनों में होने लगता है इसे ही असुरक्षित यौन संबंध कहते हैं
और इसलिए सिफलिस जैसी यौन संक्रमण रोग दोनों साथी को होने लगता है इसलिए सुरक्षा का ध्यान रखने की आवश्यकता है !
8. असुरक्षित यौन संबंध बनाने से बचें ?
देखिए जरुरी नहीं कि स्वस्थ महिलाओं को भी ऐसा ना हो बल्कि पुरुषों में भी संक्रमण जैसी समस्या होती है जिस से महिलाओं में यह फैल जाता है और योनि रोग हो जाते हैं इसलिए हमेशा कंडोम का प्रयोग करें और साफ सफाई पर विशेष ध्यान दें ताकी आप बच सकें
9. लिकोरिया सफेद से कैसे बचें क्या संभव है ठीक होना ?
जी इसे समय रहते रोका जा सकता है और इसके लिए मेरे द्वारा महिलाओं को शतावरी चूर्ण और जंगली जड़ी बूटी दिया जाता है और यह कुछ दिनों में समाप्त हो जाता है
अगर शतावरी की बात करें तो वह आयुर्वेद की दवाई है ययह पंसारी की दुकान से भी मिल जाता है पर ज्यादा समय तक रखे रहने से वह काम नहीं करता अच्छे से, इसलिए आप जब भी प्रयोग करें कच्चे शतावरी को चुर्ण बनाकर खाएं ताकी आपके मासिक धर्म चक्र की अवधि ठीक हो सके
10. शतावरी के सेवन से महिलाओं को अनेक लाभ होते हैं !
जी हां अगर ताजी शतावरी मिल जाए और आप उसका कुछ दिनों तक लगातार सेवन करते हैं तो आपको शरीर में कमजोरी दूर होने का एहसास हो जाएगा
इसके अलावा शतावरी की बात करें तो यह महिलाओं के लिए अमृत तुल्य औषधि है और महिलाओं के सभी रोंगों के लिए ही बना है यह कह सकते हैं
मासिक धर्म ठीक हो जाता है जो किसी किसी का 10-15 दिन आगे बढ़ गया रहता है वो 5-7 दिन सामान्य समय तक वापस आ जाता है, मतलब जो 15 दिन आगे बढ़ गया है वह एक सप्ताह पहले आयेगा
थकान कमजोरी दूर होगा और नींद अच्छी आयेगी
11. शतावरी का सेवन कैसे करें
महिलाओं के लिए शतावरी का सेवन खाना खाने के बाद रात को सोते समय 3-5 ग्राम में करना चाहिए और हो सके तो दुध भी पीना चाहिए इस से और लाभ होगा
• अगर शतावरी चूर्ण खाने के कुछ दिनों बाद थोड़ी बेचैनी हो तो मात्रा कम कर दीजिए
समय - 3 महीने तक लगातार
नोट जानकार वैद्य से दवा लें या आयुर्वेदिक कैप्सूल भी मंगा सकते हैं जो आयुर्वेद कम्पनी हो
आशा करता हूं आपको अपने सभी सवालों के जवाब मिल गये होंगे , अगर कोई सवाल हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं या मेरे इंस्टाग्राम पर जाकर संपर्क करें
और किसी भी प्रकार की औषधि की जरूरत है तो बता सकते हैं हम कुरियर के माध्यम से भेज सकते हैं
धन्यवाद !
वैद्यराज
छत्तीसगढ़ जड़ी बूटी
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