पुरुष नपुंसकता क्या है और इसे कैसे दूर करें
साथियों आज हम बात करेंगे पुरुषों में होने वाले शारीरिक कमजोरी और उसे ठीक करने के विषय में, वैसे तो मैं यूट्यूब चैनल पर सभी प्रकार के नपुंसकता की औषधि बता दिया हूं पर वहां आपके सारे सवाल के जवाब नहीं होते इसलिए इस ब्लॉग के माध्यम से मैं आप लोगों को पुरी जानकारी देने का प्रयास करुंगा जो आपके लिए जरूरी है, और फिर भी कोई सवाल हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं ताकि मैं उसके जवाब दे सकूं
1. नपुंसकता क्या है ?
शारीरिक संबंध ना बना पाना या लिंग का सिथिल पड़ जाना और बच्चे पैदा ना कर पाना ही नपुंसकता है,
सबसे पहले तो ये जानना जरूरी है की आपके नपुंसकता का कारण क्या है क्योंकि इसके बहुत सारे कारण होते हैं
• शराब का सेवन - पुरुषों में अधिकतर मामलों में नशीली चीजों का सेवन बढ़ता जा रहा है और वर्तमान समय में शराब पीना सिगरेट पीना या तरह तरह के नशीली चीजों का प्रयोग करना आम बात हो गया है और इसका मुख्य कारण है गलत संगत और विचार धारा से जुड़े लोगों का साथ, वैसे तो कई लोगों से यह भी कहते हुए सुना होगा आपने की शराब पीकर संबंध बनाने से संभोग का समय बढ़ता है पर इसमें कितनी सच्चाई है यह वही जाने क्योंकि कोई व्यक्ति नशे में कैसे व्यवहार करता है यह उसे दुसरे दिन तक याद नहीं रहता तो वो क्या बतायेगा संभोग की अवधि बढ़ती है या नहीं, नशा एक जहर है जो शरीर को धीरे-धीरे नुकसान करता है और शारीरिक संबंध बनाने में परेशानी खड़ा कर देता है इसलिए इस से बचें !
• वियाग्रा का प्रयोग - कई लोगों अपने साथी को खुश करने के लिए और पलों को यादगार बनाने के लिए वियाग्रा जैसी चीजों का सेवन करते हैं जो कि आजकल नौजवान युवकों में भी देखा जाता है,और यह इसलिए भी होता है क्योंकि आज का नौ युवक शारीरिक रूप से बहुत कमजोर होते जा रहा है, और अपने आप को शर्मिंदा ना होना पड़े इसलिए वह दुसरा रास्ता चुनता है पर उस जरा सा भी अंदाजा नहीं होता कि वह नर्क में जा रहा है, क्योंकि आने वाले समय में बिना गोली के संबंध स्थापित करना संभव ही नहीं है, क्योंकि वियाग्रा जैसी दवाएं शरीर को आदत लगा देती हैं और यह मानसिक आदत है जो मजबूरन करना पड़ जाता है, क्या आपने कभी सोचा है इन दवाओं के बिना आप बिना सहारे के अपाहिज बन जाते हो ?
• गंदी विडियो देखना - पहले फोन नहीं था तो लोग उतने कमजोर नहीं थे , जबसे फोन आया तबसे लोग गंदी विडियो देखने लगे हैं और यह हर दिन का पेशा बन चुका है, और कामोत्तेजक होकर अपना वीर्य नाश करते हैं जिससे शीघ्रपतन हो जाता है और लिंग कमजोर पड़ जाता है, अगर बाकी लोगों के मुकाबले इन जैसे मरीजों को देखें तो ये विडियो देखकर ही उत्तेजित महसूस कर सकते हैं अन्यथा शांत पड़ जाते हैं और यह पुर्ण नपुंसकता का कारण है !
• शुगर बीपी के मरीज - देखिए शुगर मधुमेह से पीड़ित मरीजों में ज्यादातर एक शिकायत देखने को मिलती है कि लिंग पर बराबर लिंग में उत्तेजना नहीं ला पाते या यूं कहें ब्लड प्रेशर और मधुमेह इन दोनों रोगों में लिंग उत्तेजना भंग हो जाता है, क्योंकि रक्त का प्रवाह बराबर नहीं होता यह लो शुगर और हाई शुगर दोनों में होता है, और वहीं ब्लड प्रेशर में अचानक बेचैनी होना घबराहट होना ऐसी स्थिति में सेक्स हार्मोन अच्छे तरीके से अपना काम नहीं कर पाता और शारीरिक स्वास्थ्य में गिरावट आ जाता है, मैंने ऐसे मरीजों में एक दैयनीय स्थिति देखा है जहां दिमाग कह रहा है कि संभोग समय और कुछ देर हो पर ना नसें काम करती है ना लिंग उत्तेजना रख पाता है, ऐसे मरीजों में हार मानने जैसा स्थिति उत्पन्न हो जाता है !
संभोग से पहले चिंता - यह परेशानी सबके मन में होती है की वीर्य का जल्दी स्खलन मजाक का पात्र बना देगा और यही सोच लगातार करने से वीर्य तो निकलता ही है पर तनाव आने में बहुत समय लगता है, देखिए चिंता इस बात की नहीं करना चाहिए कि आपका साथी आपके जल्दी वीर्य निकलने से नाराज़ होगा , बल्कि आप अपने आप को अपने सकारात्मक सोच से दुबारा उत्तेजित करें यह जरूरी है आपके साथी के लिए, और सबसे पहले तो यह बता दें कि जो व्यक्ति संभोग की लालशा रखता है वह पहले से जोश में रहता है तो जाहिर सी बात है कि वीर्य तुरंत निकलेगा , उसके एक दो मिनट बाद ही आपका लिंग फिर से तैयार हो जाए मैदान में उतरने के लिए तो आपका साथी मैच जरूर खेलेगा इसमें कोई संदेह नहीं है, पर तनाव के कारण कुछ लोगों में यह समस्या आने लगी है कि वीर्य निकलते ही तनाव नहीं आता और प्रयास करने के बाद भी उत्तेजित नहीं हो पाते तो यह पुर्ण नपुंसकता है !
• दुर्घटना के शिकार - देखिए दुर्घटना में शरीर के कई हिस्से में अन्दरुनी चोट लग जाती है या यूं कहें कि आपके लिंग के हिस्से में भी चोट लग जाए तो ऐसी स्थिति में दुबारा संभोग सुख भोगना संभव नहीं है, और हां यह जरूर कह सकते हैं वर्तमान में किसी आधुनिक तकनीक से खुद को इलाज करवाया कर ठीक हो जाएं तो वो अलग बात है, पर बिना आधुनिक तकनीक के दुबारा सक्षम हो पाना संभव नहीं है
• लिंग के नसों का कमजोर होना - लिंग के नसों का कमजोर हो जाना यह खुद से नहीं होता बल्कि आपके ही गलत हरकत से यह कमजोर पड़ता है जिसमें मुख्य रूप से हस्तमैथुन करने से होता है क्योंकि अंतरंग तरीके से लिंग पर दबाव डालने से और यह सालों से करने से नसें कमजोर पड़ जाती है, क्योंकि लिए में कोई बड़ी सी नस नहीं गई है जो खून लगातार जाए और उत्तेजना बरकरार रहे , लिंग बिना हड्डी के एक मांस का बना हिस्सा है जो उन छोटे छोटे नसों के जाल में बना है जिसमें तेज गति से खून का आना जाना हो सके ऐसा सक्षम होना चाहिए, और उसे आप हस्तमैथुन से कमजोर कर रहे हैं ?
2. संभोग और हस्तमैथुन तो एक है तो हस्तमैथुन से ही कमजोरी क्यों आती है ?
देखिए साथी से संभोग दो आत्माओं का मिलन होता है उसे ही संभोग कहते हैं और इसे करने से अंत में खुशी मिलती है दोनों साथियों को और यह मानसिक रूप से ताकत देता है और वही मिलन से एक संतति का जन्म होता है,
वही अगर हस्तमैथुन की बात करें तो जवाब आप ही दीजिए क्या वीर्य नाश करने के बाद आईने में खुद से नजर मिला पाते हैं आप ? क्या आपने अपने शरीर को देखा है कुछ दिनों में दुबलापन जैसे दिखते हैं, अगर वही शरीर मोटा भी हो और पतले ना दिखो पर अन्दर से कितने मजबूत होते हैं आप ? हस्तमैथुन लगातार करने से वीर्य नाश होता है और भविष्य में बच्चे पैदा करने की क्षमता भी तो खो देते हैं !
आईने ही नहीं दुनिया के लोगों के बीच में भी खुद को कमजोर महसूस करते हैं और यह लक्षण हस्तमैथुन के बाद आई आत्मग्लानि कि वजह से होती है और मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर पड़ जाते हैं !
अपने कल के लिए सोचो वीर्य बचाकर रखना चाहिए अपने आने वाले संतान के लिए, अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए !
3. वीर्य तो लगातार बनता है तो हस्तमैथुन या संभोग करने से ही नपुंसकता कैसे आ सकती है ?
जी ! देखिए ऐसा सोचना "काला अक्षर भैंस बराबर" की संज्ञा दी जा सकती है, सबसे पहले आप मुझे यह जवाब दीजिए कि क्या आप रोज खाना नहीं खाते ? अगर खाते हैं तो दिनभर में काम वाम नही करते ?
• भोजन करने से वीर्य बनता है कहना सही है पर कितना बनता है यह जानना जरूरी है, दैनिक दिनचर्या में जितने हल्के या कठिन काम करेंगे उसी के हिसाब से हमारे शरीर का उर्जा खपत होता है जिसे कैलोरी बर्न कहते हैं, आम जीवन में भी एक दिन का उर्जा आपके भोजन से भी ज्यादा लग जाता है ऐसा कह सकते हैं, वहीं अगर हल्का काम को देखें तो कुछ उर्जा बच सकती है और वही वीर्य बनता है, पर उस से अधिक मात्रा में तो वीर्य नाश हो रहा है तो भरपाई कहां से होगा ?
• हस्तमैथुन से ही नपुंसकता आती है यह नहीं कह रहा बल्कि नपुंसकता साथी के संबंध स्थापित करने से भी होता है, बस फर्क इतना है कि संभोग साथी से किया जाए तो नपुंसकता का समय कुछ सालों बाद आ सकता है
• जैसे आप रोज भोजन करते हैं और ऊर्जावान महसूस करते हैं वैसे ही आपके आंतरिक रूप से मजबूत होना बहुत जरूरी है, और आपको बता दूं की आंतरिक और शारीरिक शक्ति अलग होती है जो एक संभोग में खपत होती है और एक दैनिक दिनचर्या में
कई लोगों को लगातार अच्छे और ज्यादा भोजन करने से भी संभोग करने में लिंग में उत्तेजना बरकरार होते देखा गया है, पर इसका मतलब यह नहीं कि बहुत सारे भोजन करने की जरूरत है, क्योंकि यह आपके वजन को बढ़ा देगा, सबका शरीर एक जैसा नहीं होता, शारीरिक रूप से दुर्बल व्यक्ति भोजन अच्छे से करे इसमें कोई रोक-टोक नहीं है, बस मोटे व्यक्तियों को ऐसा करने से बचना चाहिए
• शरीर वीर्य बनाने की मशीन नहीं है जो वीर्य बनाता रहे और आप लगातार खपत करें, शरीर में वीर्य बनना एक निश्चित समय का काम है और जैसे पैसा हो या धन दौलत आपके पास अधिक हो जाता है तो आप संभाल कर रखते हैं और वह वक्त में काम आता है, वैसे ही वीर्य भी एक धन है उसे बचाकर रखें संभोग सुख भी प्राप्त होगा और संतान उत्पत्ति करने की क्षमता भी बढ़ेगी !
4. मैंने बहुत सारी औषधि और दवाईयां खाई पर नपुंसकता दूर नहीं हो रहा है ?
देखिए मेरे पास कई मरीज आते हैं जो ठीक ऐसा सवाल करते हैं, उन्हें मैं बताना चाहूंगा कि सबसे पहले तो आप यह पता लगाईये कि आपको नपुंसकता है या शीघ्रपतन
और आपने क्यों यह दवाई ली और किसके कहने पर लिया आपने ?
• खुद से दवा मंगाना और सेवन करना यह कितना सही है ? क्या आप डाक्टर हैं ? वैद्य हैं ? या हकीम हैं ?
नहीं ना , तो क्यों आपने ये सारी औषधि खाई क्यों आपने ठीक होने की स्थिति को दस कदम पीछे ले गये ?
सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि वर्तमान में आयुर्वेद के नाम पर लगातार प्रचार प्रसार होना और तरह तरह के कामोत्तेजक फोटो डालकर लोगों को भ्रामक जानकारी देना ,
क्या आपने उस दवाई की डली हुई चीजों के विषय में जाना है ? क्या गर्म तासीर है या ठंडी तासीर ?
यह कोई नहीं सोचता कि यह सब तो ठीक है पर आपका शरीर ठीक नहीं है ना , यही तो परेशानी है और इंसान की शरीर प्रवृत्ति तीन तरह की होती है वात, पित्त, कफ वाले जिसमें किसी का शरीर ठंडा किसी का गर्म किसी का सामान्य
• आपके शरीर के लिए सही दवा का होना जरूरी है अगर ठंडा प्रवृत्ति वाले व्यक्ति को ठंडे तासीर वाली जड़ी बूटी देते हैं तो वह और बीमारी से पीड़ित हो जाता है, इस औषधि की तासीर जैसी होगी बस वैसे ही आपके लिए सहायक होगी, मतलब ठंडे तासीर वालों को गर्म तासीर की औषधि कम मात्रा में देने से वह ठीक होगा
आप चाहे अंग्रेजी दवा लें चाहे आयुर्वेद की दवा, बिना जाने खुद से कभी प्रयोग ना करें क्योंकि आपको अन्दर से तोड़कर रख देगा, और नपुंसकता दूर करने की जगह अजीवन पुर्ण नपुंसकता की ओर ले जाएगा !
नोट - एक बात और बताना चाहुंगा जो उत्तर भारत के हैं वहां मौसम को देखकर जैसा औषधि उनके पुरखों ने खाया है वैसे ही दवा इनमें असर करेगा, वहीं भारत के दक्षिण हिस्से में अधिकतर जंगली जड़ी बूटी का प्रयोग किया जाता है वैसे ही उनपर काम करता है यह ध्यान देने योग्य बात है
उदाहरण के लिए आप यूनानी चिकित्सा को देखिए इसका प्रयोग मुस्लिम यूनानी उपचार वाले करते हैं जो उनपर तुरंत असर करता है
कभी भी अलग अलग प्रकार के जड़ी बूटी का सेवन नहीं करना चाहिए, दवाई के प्रकार जानिए
• अंग्रेजी दवा एलोपैथिक
• होम्योपैथिक दवा रसायनिक
• आयुर्वेदिक ऋषि मुनि
• जंगली जड़ी बूटी आदिवासी विद्या
(बंदर जड़ी बूटी विद्या भी इसी में आता है)
• युनानी दवा
उपर में बंदर जड़ी बूटी विद्या का जिक्र किया हुं तो यह बताना चाहुंगा, जंगलों में एक सफेद बालों वाले लंबे और बड़े बंदर देखा होगा आपने तो आपको बता दूं वह इंसानों की भांति पारिवारिक जीवन बिताने हैं जंगलों में, ऐसा नहीं कि जानवर हैं तो जानवरों की तरह अलग अलग साथी चुनेंगे या संबंध स्थापित करेंगे, बल्कि अजीवन जोड़ी बनाकर रहते हैं जिसमें बंदर के बच्चे भी होते हैं,
वहीं आपने सुना होगा कि अगर महिलाएं जंगल गये और ऐसे बंदरों से मुलाकात हो जाए तो वह छेड़छाड़ करते हैं, इसलिए छत्तीसगढ़ में महिलाएं सर पर पगड़ी बांध लेती है और हाथ में डंडा, तब बंदर परेशान नहीं करते तो यह तो अलग बात है पर बंदर जड़ी बूटी विद्या के विषय में सुनिए
बंदरों की टोली में मुख्या बंदर रहता है और उनमें ऐसी कला होती है जिससे वह जड़ी बूटी का भी ज्ञान रखते हैं, और उनकी टोली में बंदरों को जैसे भी बीमारी हो उसके बाद उनका मुख्या दवा लाकर देता है, और कई बार जंगल जाते हुए पत्थर या चट्टानों पर बंदरों को जड़ी बूटी पीसते हुए भी देखा जाता है
तो इस विद्या के विषय में आदिवासी समुदाय जानता है जिसे बिरहोर जनजाति कहा जाता है, उसके अलावा भी दुसरे क्षेत्रों के जंगली क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदाय जानते हैं, और यह विद्या जानना उतना आसान नहीं था बल्कि जानवरों से इंसानों का लगाव और जुड़ाव हुआ , आप भी जानते हैं कि जंगली क्षेत्र में रहने वाले तरह तरह के जीव जंतु को पालते हैं , और इंसानों को बीमारी होना आम बात है और वही बंदर पालने वाले समुदायों में देखा कि वह व्यक्ति को ऐसे हालात में देखकर जंगलों से जड़ी बूटी लाकर दिए, और कुछ समय बाद लोगों को समझने में ज्यादा समय नहीं लगा और वह बंदर जड़ी बूटी विद्या को समझ गये !
इंसानों जैसा ही लक्षण बंदरों का होता है आदिकाल से चली आ रही है यह नियम, इसलिए यह विद्या वर्तमान में उजागर है आदिवासी अंचल में
जीव जंतु में भी इन सबका ज्ञान होता है !
5. हमारे शरीर के नपुंसकता को दुर करने के लिए क्या करना चाहिए ?
सबसे पहले तो अपने खानपान को ठीक कीजिए और चिंतामुक्त रहिए साथ ही रोग को दुर करने के लिए उचित डाक्टर या वैद्य से सलाह लीजिए, चुंकि अंग्रेजी दवा जीवनभर का समाधान नहीं है फिर भी वह चेकअप करके पुर्ण कारण को बता देते हैं और उसके बाद आप एलोपैथिक दवा, होम्योपैथिक दवा, आयुर्वेद, या जंगली जड़ी बूटी चुन सकते हैं
आप यह सुनिश्चित कीजिए कि आपके लिए क्या सही है
आयुर्वेद और जंगली जड़ी बूटी आपका समाधान लंबे समय के लिए करता है, और यह कहना कि यह अमृत है जो एक बार खाकर अमर हो जाएं तो यह सही नहीं होगा
बल्कि आयुर्वेद और जंगली जड़ी बूटी का असर लंबे समय तक रहता भी है और नुकसान नहीं पहुंचाता, और साथ ही यह कहना चाहता हूं कि आप भोजन तो रोज करते हैं, वैसे ही अन्दरुनी ताकत के लिए साल में एक महीना खुद को समय दें और ताकत बरकरार रखें
6. पुर्ण नपुंसकता ठीक होने में कितना समय लगता है ?
पुर्ण नपुंसकता को आधुनिक तकनीक से लिंग पर चोट या नसों में ब्लाॅकेज हो तो वह ठीक कर सकते हैं और कुछ वक्त बाद संभोग के लिए सक्षम हो जायेंगे
• वहीं अगर आयुर्वेद की बात करें तो करीब तीन महीने के जड़ी बूटी के सेवन से नपुंसकता में बहुत सुधार आ जाता है और नपुंसकता में वीर्य का पुष्ट होना अतिआवश्यक है इसलिए आयुर्वेद के नियम को मानें
• जंगली जड़ी बूटी जिसे बैगा आयुर्वेद कहा जाता है उसका नपुंसकता में बहुत प्रबल औषधि बनाया जाता है जो लिंग उत्तेजना वापस ला देता है, और वहीं वीर्य पुष्टि के लिए एक महीने का औषधि सेवन करना पड़ता है !
अब तो आप जान चुके होंगे कि नपुंसकता क्या है और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है ? नपुंसकता से जीवन बहुत कठिन हो जाता है इसलिए इसके लिए आपको उचित सलाह की जरूरत है और साथ ही साथ आपकी जिम्मेदारी है कि आप लोग सावधानी से कुछ भी करें !
जड़ी बूटी की आवश्यकता होगी तो संपर्क कर सकते हैं या मेरे यूट्यूब चैनल पर विडियो देख सकते हैं
धन्यवाद !
वैद्यराज
छत्तीसगढ़ जड़ी बूटी
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