तेजराज जड़ी बूटी के बारे में सम्पूर्ण जानकारी



तेजराज जड़ी बूटी के बारे में सम्पूर्ण जानकारी 

हैलो दोस्तों इस पोस्ट में मैं आपको तेजराज जड़ी बूटी के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दुंगा, सबसे पहले तो ये बता दुं कि मै अपने यूट्यूब चैनल पर पुरी जानकारी नहीं दे पाता क्योंकि विडियो काफी लंबा हो जायेगा और आप फिर भी समझ नहीं पायेंगे, इसलिए मैंने यह ब्लॉग शुरू किया है जिसमें लगभग सभी प्रकार की जड़ी बूटी के विषय में बताने का प्रयास करुंगा !

तेजराज जड़ी बूटी सबसे ज्यादा प्रचलित जंगली दवाई है जिसे हर कोई ढुंढ़ता फिर रहा है, कई लोग तरह तरह के विडियो बना देते हैं और बोलते हैं यह तेजराज जड़ी बूटी है, तो यही मिथ्या मैं दुर करना चाहता हूं और आपके प्रश्नों के जवाब भी देना चाहुंगा 

1. तेजराज जड़ी बूटी क्या है आखिर क्यों इतनी चर्चा में रहता है 

बहुत ही अच्छा सवाल किया है आपने , देखिए तेजराज जड़ी बूटी सबसे ज्यादा प्रचलित होने का कारण है इसके गुण धर्म क्योंकि तेजराज जड़ी बूटी बहुत ही तेजी से काम करने वाला जड़ी बूटी है जैसा नाम वैसा काम,

तेजराज जड़ी बूटी के विषय में कहूं तो वर्तमान के कलयुग काल में मनुष्यों के लिए वरदान है और बड़ी दुर्लभता से मिलता है इसलिए यह चर्चा में रहता है और अपने गुणों के लिए भी सर्वश्रेष्ठ है !

2. तेजराज जड़ी बूटी के प्रकार कितने हैं ?

अगर तेजराज जड़ी बूटी की बात करें तो मेरे खोज में मैंने 7 प्रकार के प्रजाति ढुंढ़ा है जिसके फुल भी अलग रंग के पाये जाते हैं, या फिर ये कहें कि यह जितने प्रकार के हैं उसके अलग रंग को मिलाकर कुल 3 गुना होंगे

मैंने अपनी खोज में पाया कि तेजराज जड़ी बूटी का सबसे बड़ा प्रकार के फुल धनिया फूल के समान सफेद रंग का था और उसके पत्ते में फर्क निकला जो कि टमाटर पत्ते जैसा भी था और धनिया पत्ते जैसा भी,और उसके बनावट को देखकर मैंने उन्हें तीन अलग अलग भागों में बांट दिया जो नवयुवक और महिला और पुरुष ये तीनों के लिए काम आयेगा

साथ ही मैदानी इलाकों का धनिया फूल तेजराज भी गुलाबी नीला और पीला फुल का मिला जो सबसे छोटा प्रजाति है 

किसी किसी तेजराज जड़ी बूटी में बिना फुल के भी उगता है,इस से यह पता चला कि तेजराज के कई प्रकार हैं बस दुर्लभता से अलग अलग रंगों के मिल जाते हैं 

3. तेजराज जड़ी बूटी किस काम आता है ?

देखिए तेजराज जड़ी बूटी प्रमुख रूप से निष्क्रिय अंगों को ठीक करने के लिए काम में लाया जाता है जैसे 

• कैंसर तक ठीक करता है 

भले ही कैंसर आज के समय में प्रचलित है और‌ पहले बिमारियां बहुत कम हुआ करती थी पर यह तेजराज जड़ी बूटी में इतनी शक्ति है कि यह आने वाले और भी नये रोगों से लड़ने में सक्षम होगा


• पुरुषों का लिंग काम ना करना पुर्ण नपुंसकता 

नपुंसकता के अंतिम चरण में पुरुषों का लिंग उत्तेजना खो देता है या ये कहें की सिर्फ कुछ मिनट के कठोर तनाव के बाद वह सिथिल पड़ जाता है मानो उसमें जान ही नहीं बचा हो , इसे ही पुर्ण नपुंसकता कहते हैं,और तेजराज जड़ी बूटी के सेवन से लिंग वापस कठोरता बरकरार रख पाने में सक्षम हो जाता है !

• स्त्री बांझपन या नपुंसकता 

स्त्री बांझपन एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चे जन्म देना संभव नहीं होता ,और यह शरीर के अंगो के दुर्बलता के कारण या अनुवांशिक कारणों से भी होता है पर स्त्री को अंडे बनने में या गर्भ धारण करने में कोई परेशानी होती है तो तेजराज जड़ी बूटी को पिलाने से वह गर्भ धारण कर सकती हैं और यह इतनी सक्षम दवा है 

• लकवा रोग ठीक करे

लकवा में या तो हाथ के हिस्से सुन्न पड़ जाते हैं या पैर या मुंह का एक हिस्सा टेढ़ा हो जाता है, वर्तमान में बहुत सारे डाक्टर वैद्य इसका इलाज करते हैं पर लकवा में रिकवर होना काफी मुश्किल होता है या फिर यूं कहें कि ठीक होता ही नहीं है 

चलता फिरता व्यक्ति को लकवा मार जाये तो यह बड़े दुख की बात होती है जहां व्यक्ति अपने आप को असक्षम हाल में रोज देखता है, और इसी रोग को ठीक करने के लिए तेजराज जड़ी बूटी को काढ़ा बनाकर पिलाया जाता है और कुछ दिनों बाद वह लकवा से मुक्त हो जाता है !

• तंत्रिका तंत्र के नसों को खोले

शरीर के मस्तिष्क से जुड़ी पुरे शरीर में नसों का जाल फैला हुआ रहता है और अगर वह कहीं ब्लाॅक हो तो कई परेशानी हो जाती है और इस तंत्र को खोलने का काम तेजराज जड़ी बूटी का है, लेकिन तंत्रिका तंत्र को खोलने के लिए सिर्फ तीन दिन ही सेवन करना चाहिए अन्यथा हार्ट पर दबाव पड़ता है और सीना दर्द करता है  !

• यौन संबंध इच्छा में तेजी लाए

वैसे तो तेजराज जड़ी बूटी के अलग अलग प्रकार के कार्य और समय में थोड़ा बहुत फर्क रहता है पर जंगली 5 पत्ते वाला तेजराज जिसमें फूल नहीं लगता ना ही बीज और इसमें एक ही जड़ी निकलता वह तेजराज जड़ी बूटी इतना प्रभावी है कि 3 खुराक से व्यक्ति में प्रबल यौन संबंध बनाने की इच्छा जागृत हो जाती है और इसे वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए दिया जाता है, और नौजवान इसका सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि असमय यौन संबंध बनाने की इच्छा होगी जो बिना विवाह के पुरुषों के लिए सही नहीं है !

• पुरुष वीर्य में शुक्राणु उत्पादन 

पुरुषों को अपने पत्नी को गर्भवती करने के लिए भी सक्षम वीर्य और शुक्राणु उत्पादन की आवश्यकता होती है जो बचपन से गलत संगत में पड़ कर वीर्य नाश कर देते हैं और बाद में संतानहीनता के शिकार होते हैं, और ऐसे पुरुषों के लिए भी तेजराज जड़ी बूटी को पिलाने से बच्चे जन्म करने के लिए वीर्य में शुक्राणु की कमी दुर हो जाती है !

• मानसिक रूप से पागलपन

जो व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त है उसके लिए तेजराज जड़ी बूटी को खिलाया जाये तो वह व्यक्ति का पागलपन बिल्कुल ठीक हो जाता है !

• निःसंतान दंपति को पुष्ट करता है 

पुरुष और महिला दोनों में अगर संतान उत्पन्न करने में परेशानी आती है तो पुरुषों को महिला के मासिक धर्म आने से 15-20 दिन तक दुध के साथ तेजराज जड़ी बूटी को लेना चाहिए उसके बाद महिला के मासिक धर्म खत्म होने के तीसरे दिन से सातवें दिन तक लगातार तेजराज जड़ी बूटी के पत्ते को पीसकर पिलाया जाता है और इसी बीच संबंध बनाते रहने से गर्भ धारण कर संतान उत्पत्ति करने में मदद मिलता है !

• पैरों में सुजन ठीक करे 

कई लोगों को पैरों में अक्सर सुजन हो जाता है और यह मोटे व्यक्तियों में अक्सर होता है जोकि वजन के दबाव में होता है और पैर पुरा सुज जाता है, और ऐसे में तेजराज जड़ी बूटी को एक खुराक पिलाने से कुछ घंटो बाद ही सुजन कम हो जाता है, पर याद रहे सफेद फूल वाला बड़ा तेजराज जड़ी बूटी ही ऐसा कर सकता है, अगर पीला फुल को पिलाया जाये तो वह तीन दिन पिलाना अनिवार्य है !

• गठिया वात दूर 

जोड़ों में दर्द का कारण नस का ब्लाॅक होना और उम्र ढलने पर घुटने जोड़ों पर ग्रीस ना बनना जैसी समस्या आती है और यही गठिया वात का प्रमुख कारण है और इसमें भी तेजराज जड़ी बूटी को कुछ दिनों तक काढ़ा बनाकर पिलाया जाता है !

पर याद रहे अगर दुर्घटना वश चोट लगी है तो वह दर्द ठीक नहीं होता

• शरीर के नस नस को खोले 


वैसे तो कुछ ही शब्दों में इसके गुणों को बताया नहीं जा सकता यह एक अमृत तुल्य औषधि है जो कि वरदान साबित है कलयुग में न्यूरोलॉजी विभाग के लिए बहुत तगड़ी दवाई है

4. तेजराज जड़ी बूटी के दुर्लभता के क्या कारण हैं और क्यों विलुप्त हो चुकी है यह औषधि ?

जी बहुत ही अच्छा सवाल है, देखिए तेजराज जड़ी बूटी का विलुप्त होने का कारण है उसके गुणों को जानने के बाद लगातार प्रयोग में लाना, उसके अलावा उसका संरक्षण ना करना, 

माना की यह बहुत ही शक्तिशाली जड़ी बूटी है पर यह एक जगह उग कर दुबारा वहां नहीं उगता और ना ही इसके फुल या बीज नीचे जमीन पर गिरते हैं, और ना ही दुबारा यह उगता है, इसे एक बार उखाड़ देने से वहां दुबारा नहीं उगता

अगर दुबारा बीज गिरकर उगता तो आज तेजराज जड़ी बूटी दुर्लभ नहीं होता , बल्कि सब जगह मिल जाता

मैं तो इतना जानता हूं की वर्तमान में बड़े बड़े जंगलों में भी नहीं पाया जाता, या युं कहें छोटे से जंगल में भी मिल जाता है, कोई अनुमान नहीं लगा सकते कि यह कहां मिलेगा !

5.  तेजराज जड़ी बूटी श्रृषि आयुर्वेद है या बैगा जड़ी बूटी 

देखिए मुख्य रूप से तेजराज जड़ी बूटी का प्रचलन छत्तीसगढ़ झारखंड और मध्यप्रदेश के राज्यों में बहुत ज्यादा है जहां बैगा आदिवासी लोग निवास करते हैं और बैगा कोई भी जाति का हो सकता है, बैगा का मतलब जड़ी बूटी का ज्ञान रखने वाला और प्रकृति से जुड़ी परंपराओं को बताने वाला, वर्तमान में बैगा समेत गुनिया ग्रामीण क्षेत्रों के वैद्य भी जड़ी बूटी देते हैं जो की पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है, 

तेजराज मुख्य रूप से बैगा जड़ी बूटी है जो कि ढुंढने से पहले चावल दाल देकर गुरुओं को स्मरण करके खोदा जाता है तब वह मिलता है और यह जड़ी को खोदकर लाने के बाद अगरबत्ती नारियल या धुप देकर जगाना पड़ता है अर्थात जागृत हो जाए इसके लिए प्रार्थना करना पड़ता है और ग्रामीण क्षेत्रों में बैगा देवगन गुरु और गुरु धनित्तर को स्मरण करके जड़ी को जगाया जाता है और तभी यह प्रबल रुप से काम भी करता है,

वहीं ऋषि आयुर्वेद की बात करें तो पुराने समय में वो भी जड़ी बूटियों से प्रार्थना करके लाते थे यज्ञ वहन करके औषधि को जगाते थे , पर वर्तमान में ऐसा नहीं होता या फिर वो भाव नहीं है लोगों के मन में इसलिए उनकी विद्या में बहुत बदलाव है बैगा जड़ी बूटी के मामले में 

और तेजराज जड़ी बूटी का प्रचलन पुरे भारत भर में भी नहीं है, अगर होता तो सभी आयुर्वेदाचार्यों द्वारा इसका जिक्र मिलता, पर छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश झारखंड में ही इसका प्रचलन और प्रयोग किया जाता है 

ऋषि आयुर्वेद में भी कुछ शक्तिशाली और प्रभावशाली औषधि होगा पर सभी को इसका ज्ञात नहीं है, इसके ठीक विपरीत अगर बैगा जड़ी बूटी की बात करें तो तेजराज जड़ी बूटी को बहुत बड़ा और अमृत तुल्य औषधि माना जाता है आदिवासी अंचल में !

6. तेजराज जड़ी बूटी को ही क्यों अधिक शक्तिशाली माना गया है बैगा आयुर्वेद में ?

देखिए तेजराज जड़ी बूटी ही शक्तिशाली है कहना उचित नहीं होगा इसके अलावा भी बात करें तो भोजराज, बलराज, पाताल कोहड़ा, भोगराज, कामराज भी बहुत शक्तिशाली हैं पर बीमारी के अनुसार वह काम करते हैं 


प्रमुखता से बात करें तो तेजराज और भोजराज जड़ी बूटी सबसे ज्यादा शक्तिशाली है और कुछ ही घंटों में असर दिखाने लगता है और बाकी औषधि 15 दिन या 3 महीने तक भी समय ले सकते हैं !

7. ऋषि आयुर्वेद में तो बीमारी 3 महीने में खत्म होता है, और जंगली जड़ी बूटी में भी ऐसा बताया गया है इसमें कितनी सच्चाई है ?

देखिए जैसा रोग वैसा जड़ी बूटी अगर हम उदाहरण के तौर पर सर दर्द को ही ले लें और कहें की हमारे आसपास मेडिकल उपलब्ध नहीं है तो जंगली जड़ी बूटी खा लेते हैं और कुछ महीनों बाद ठीक हो जायेंगे ?

तो ऐसा संभव नहीं है क्योंकि आप अपने दर्द से अभी परेशान हैं आपको तुरंत असर करे ऐसा औषधि चाहिए होगा, ठीक उसी प्रकार सारे बिमारियों का दवा भी वैसे ही असर करता है 

अगर ऋषि आयुर्वेद की बात करें तो तीन महीने में रोग जड़ से खत्म होगा कहना तो इसका सबसे बड़ा कारण है कि आप हर रोज औषधि का सेवन करेंगे तो एक उम्मीद रहेगा की आप एक दिन ठीक हो जाओगे और रोजाना खाने से विश्वास बढ़ता है और तीन महीने तक के सेवन से परिणाम में बेहतर प्रदर्शन करता है यह अनुभव हो जाता है !

वहीं बैगा आयुर्वेद की बात करें तो कुछ जड़ी बूटी ऐसे हैं जो शरीर को धीरे-धीरे ठीक करने में लग जाते हैं और ठीक कुछ महीनों बाद पुरी तरह से ठीक कर देते हैं, पर इसका नुकसान यह है कि लोगों को भाग-दौड़ भरी जिंदगी में तुरंत काम करे ऐसा दवाई खोजते हैं और बैगा आयुर्वेद में मुख्य रूप से 3 दिन 5 दिन या 7 दिन इतने खुराक खिलाया जाता है, पर लोगों का विश्वास कम हो जाये और बीच में फिर दुसरा दवाई खाने लग गये तो वह कोई काम का नहीं होता और इसलिए बैगा आयुर्वेद में विश्वास का होना बहुत जरूरी है 

साथ ही बैगा आयुर्वेद में बीमारी को जल्दी ठीक करने की भी औषधि है जो तीव्र गति से कार्य करता है पर यह व्यक्ति के उम्र को देखकर दिया जाता है ताकी वह उस औषधि को झेल सके 

वहीं तेजराज भोजराज जड़ी बूटी की बात करें तो यह औषधि खाने के कुछ ही घंटों में असर कर लेता है !

8. क्या जंगली औषधि कोई हानि नहीं पहुचाता ? अंग्रेजी दवा की तरह ?

देखिए आपको बता दूं कि जंगली औषधि इतनी तगड़ी होती है कि अधिक मात्रा में सेवन से पागलपन के शिकार हो जाते हैं और जिस चीज के लिए दवा प्रयोग कर रहे हैं उस अंग को निष्क्रिय कर सकता है,

वहीं ऋषि आयुर्वेद में आप कोई भी जड़ी बूटी को चाहे जितने दिन सेवन करें कोई नुक्सान नहीं होता, बस आपको नुकसान होने से पहले पता चल जाता है और उसका मुख्य रूप से कारण है 

• नींद ना आना

• घबराहट होना

• जी मिचलाना 

• भुख कम लगना 

• वजन घट जाना 

इन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, और ऋषि आयुर्वेद में साफ कहा गया है कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर औषधि का सेवन रोक देना चाहिए 

वहीं अंग्रेजी दवा की बात करें तो वह बड़ा ही नापतौल से बना रहता है जिसमें शरीर की गति बिगड़ जाये ऐसा कहना या ऐसा होना संभव नहीं है पर अंग्रेजी दवा हमेशा के लिए ठीक हो जाए इस उद्देश्य से खाना सही नहीं कहा जा सकता, पर इसके भी अधिक मात्रा में खाने से नये रोगों का जन्म होना संभावित है !

9. क्या तेजराज जड़ी बूटी नुकसान नहीं पहुंचाता ?
इसके सेवन के बाद लक्षण क्या होते हैं ?

देखिए तेजराज जड़ी बूटी खाने से नुकसान तो नहीं होता पर बहुत ही छोटे टुकड़ों में और कम मात्रा में सेवन करना चाहिए, क्योंकि मैंने देखा है कि नसों में ब्लाॅकेज की समस्या वालों को सीने में तेज दर्द उठने लगता है, वहीं अगर चोट के कारण दबी नसें जिनका खुलना संभव नहीं है वहां दवा का असर बार बार होता और और ना खुलने की स्थिति में वहां तेज दर्द होने लगता है, और इसके लिए अर्जुन छाल को 7 दिन उबाल कर पीने से शांत हो जाता है अर्थात दवा शांत हो जाता है 

किन लोगों को कैसे असर करता है यह जानिए

• कमजोर शरीर वालों को चक्कर आता है 

• उम्रदराज लोगों को हार्ट पर दबाव डालता है 

• यौन संबंध इच्छा के लिए अधिक सेवन पर व्यक्ति पागलपन का शिकार हो जाता है , या यौन हवसी हो जाता है 

• अगर कैंसर जैसे मामलों में दिया जाये तो बीमारी से लगातार लड़ने पर व्यक्ति का हार्मोनल संतुलन पुरा बिगड़ने लगता है 

• खुन का बहाव नसों में तेज होने पर शरीर में चन चनाहट जैसे चींटी काटने जैसा लग सकता है किसी किसी व्यक्ति को 

• पुर्ण ज्ञान वाले वैद्य बैगा के परामर्श से ही तेजराज भोजराज जड़ी का प्रयोग करना उचित है वरना नुकसान होगा 

10. तेजराज जड़ी बूटी के मेरे अनुभव और खोज कैसा रहा  ?

तेजराज जड़ी बूटी के विषय में बात करुं तो मेरे दादा पहले जमाने में बहुत कलाओं के धनी थे जिसमें वो जंगली जड़ी बूटी के विषय में बहुत जानकारी रखते थे और हर सुबह बहुत दुर दुर तक के लोग मेरे दादा से मिलने आते थे किसी बीमारी को लेकर ,और दवाई पीकर जाते थे और उन दिनों में मैं यह सब देखकर उनसे पूछा करता था तब वो बताते थे की जंगली जड़ी बूटी कोई सामान्य दवाई नहीं होती जिसके मन में उसके प्रति विश्वास है उसके हाथों से ही रोग ठीक होते हैं और तभी काम करता है 

मेरे दादा जी बैगा देवगन गुरु को बहुत मानते थे और यही जड़ी बूटी के सबसे बड़े गुरु हैं जिसका नाम अक्सर हर बैद्य गुनिया बैगा लेता है, तो वो अक्सर सपने में नये नये फार्मुला के विषय में देख लेते थे और सुबह बताते थे तो मैं भी अंचभित हो जाता था ( भुईंफोड़ बैगा नाम से कई लोग रहते हैं जिसे महादेव पार्वती के आशीर्वाद से जड़ी बूटी का ज्ञान सपने के माध्यम से होता है और वह औषधि सभी के सपने में अलग अलग स्थान के आधार पर दुसरे वनस्पति हो सकता है पर वह सच में काम करता है) एक भुंईफोड़ बैगा एक क्षेत्र में होता है जो उसी क्षेत्र में औषधि खोदेगा और लोगों को ठीक करेगा

सभी लोग मुझसे कहते थे कि अपने दादा जी कि विद्या सीख लेना काम आयेगा ,और तभी मैंने दादा जी से पारंपरिक ज्ञान प्राप्त किया 

नोट - तेजराज जड़ी बूटी के नाम से हजारों रुपए लूटने वाले पड़े हैं और अधुरा ज्ञान रखते हैं जिन्होंने खुद तेजराज जड़ी बूटी देखा नहीं है इसलिए सावधान रहें, तेजराज जड़ी बूटी के सभी प्रकार के पौधा की पहचान और कार्य अलग अलग होते हैं 

मैंने एक डाक्टर की तरह मरीजों का व्यवहार चेक किया है जो मुझे हर मरीज के उपर कैसे काम करेगा यह समझने में मदद करता है !

किसी भी प्रकार के रोग से संबंधित जड़ी बूटी चाहिए हो तो संपर्क कीजिए और उचित सलाह भी ले सकते हैं ताकी कोई निर्णय ले सकें  |

धन्यवाद - वैद्यराज 
छत्तीसगढ़ जड़ी बूटी 


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