भोजराज भोगराज कामराज इन तीनों के विषय में सम्पूर्ण जानकारी दुंगा
इस ब्लॉग में आपको तीनों औषधि के विषय में एक एक जानकारी दुंगा और जो मेरे यूट्यूब चैनल से आए हैं वह विडियो में देख ही चुके होंगे और जो गुगल सर्चिंग के माध्यम से आये हैं वो मेरे यूट्यूब चैनल पर पुरी विडियो देख सकते हैं
1. भोजराज जड़ी बूटी क्या है ? और उसकी पहचान क्या है ?
तेजराज जड़ी बूटी के साथ साथ भोजराज का नाम लिया जाता है क्योंकि ये समान गुणों वाले औषधि होते हैं जो तेज गति से लोगों के बिमारियों पर प्रभाव डालते हैं और ठीक करते हैं, भोजराज जड़ी बूटी वैसे तो तीन प्रकार के होते हैं जिसमें सफेद फूल,नीली फूल,और पीले फूल वाले पौधे पाए जाते हैं,
तेजराज जड़ी बूटी की तरह ही धनिया फूल की तरह इसमें फूल लगते हैं और बीज काले काले होते हैं और फुल बीज के उपरी हिस्से में कांटे लगते हैं यही इसकी पहचान है
इसके पत्ते सेम पत्ते जैसे तीन पत्ती आकार में होते हैं जिसमें सफेद और नीले रंग के फूल वाले प्रजाति में ऐसे होते हैं
वहीं पीले फूल वाले भोजराज जड़ी बूटी में एक डंडी नुमा धनिया फूल जैसा लगा रहता है बीज कांटे सहित और पत्ते गोलाई आकार के छोटे छोटे तीन पत्ती, पर इसे पहचानना बहुत आसान है दुर से दिख जाता है और सिर्फ चट्टान पर पाया जाता है जो पहाड़ी इलाकों में होता है
और इनके कंद या जड़ी कहें तो गाजर के समान निकलते हैं, बस पीले फूल वाले भोजराज पौधे में एक से अधिक जड़ निकलते हैं जो छोटे छोटे होते हैं गाजर नुमा !
2. भोजराज जड़ी बूटी किस काम आता है ?
भोजराज जड़ी बूटी निष्क्रिय अंगों को ठीक करने में मदद करता है, पर इसे पुरुषों और महिलाओं के बांझपन के लिए दिया जाता है जो कि गर्भधारण करने में सक्षम हो जाते हैं, पुरुषों में भी शारिरिक संबंध बनाने में कठिनाइयों को दूर करने के लिए दिया जाता है जो अद्भुत कार्य और चमत्कारिक रूप से फायदेमंद है !
3. क्या भोजराज वर्तमान में मिलता है ?
देखिए भोजराज का पौधा उंचा होता है और धनिया जैसे गंध की वजह से जंगली जानवर या जंगलों में बैल चराने पर उसे वो खा जाते हैं क्योंकि इसका पहचान करने के लिए इसकी दुर से आती धनिया जैसे गंध है जो इंसानों समेत जानवरों को भी आकर्षित करता है
वर्तमान में कोई भी जंगल इंसानों से अछुता नहीं रहा है, बल्कि यूं कहें कि दुर से घना जंगल तो दिखाई देता है पर जब आप जंगल घुसेंगे तो खाली खाली नजर आता है और भेंड़ बकरी बैल चराते हुए लोग दिख जाते हैं, और यही कारण है कि दुर्लभता से कहीं मिल जाए तो अलग बात है,
पर जहां ये रहता है उसे दुर से पहचाना जा सकता है इतना इसकी क्षमता है !
4. भोजराज के सेवन और प्रभाव कैसे होते हैं
भोजराज जड़ी बूटी को खाली पेट पीसकर पानी में घोलकर 3 दिन दिया जाता है और वही नपुंसकता है तो दुध के साथ छोटा सा टुकड़ा चबाकर या पाउडर बनाकर दुध के साथ लेते हैं जिसके बाद वीर्य पुष्टि होती है
इसके कड़े और तेज कार्यशैली को देखकर सीमित मात्रा में लेना चाहिए और साथ ही कमजोर शरीर की क्षमता वाले इस से दुर रहे क्योंकि यह शरीर को डोलने पे मजबूर कर सकता है, क्योंकि यह ओवरडोज जैसे काम करने लगेगा
यही है भोजराज जड़ी बूटी की जानकारी, अब आगे कामराज और भोगराज के विषय में बताऊंगा
4.भोगराज जड़ी और भोजराज जड़ी अलग है या एक ? और भोगराज जड़ी क्या काम आता है ?
बहुत ही अच्छा सवाल किया आपने, भोगराज जड़ी और भोजराज जड़ी में अन्तर है जैसा कि मैंने ऊपर बताया है भोजराज के बारे में वैसे ही भोगराज कामोत्तेजक गुण वाली औषधि है जिसमें यौन इच्छा ना होना जबकि शरीर सक्षम हो फिर भी इसलिए प्रयोग किया जाता है और इसके सेवन से भोग विलास की बढ़ोत्तरी होती है !
5. भोगराज जड़ी बूटी की पहचान और सेवन विधि क्या है ?
भोगराज जड़ी बूटी की पहचान उसके पौधे कंटीली झाड़ी नुमा होते हैं सफेद फूल लिए हुए जिसमें पत्ते कम और कांटे ज्यादा होते हैं जैसे जंगली शतावरी पौधे जैसा
और यही इसकी पहचान है
इसके जड़ का सेवन किया जाता है जोकि कंद मूल जैसा निकलता है और मूली जैसे आकार में या छोटे भी निकल जाते हैं पर इसके टुकड़े को छोटे टुकड़ों में काट कर रख लीजिए और फिर सुबह शाम नित्य सेवन करने से यौन इच्छा जागृत हो जाती है और पारिवारिक जीवन सुखमय बना रहता है
सेवन - 15-20 दिन मात्र
भोगराज जड़ी बूटी के प्रयोग करते तक खट्टे चीजों से परहेज़ रखना है और ना ही अन्य अंग्रेजी दवा लेना है
6. कामराज जड़ी बूटी की पहचान क्या है और इसे कौन सेवन कर सकता है ?
देखिए कामराज जड़ी बूटी का प्रयोग महिला पुरूष दोनों वर्गों को दिया जाता है पर जंगली क्षेत्रों में छोटे लाल पत्ते और रोयेंदार पौधा वाला छोटा कामराज जिसके सफेद फूल लगते हैं
इसे महिलाओं को दिया जाता है ताकी चिड़चिड़ापन ना रहे और वैवाहिक जीवन में शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा दोनों में जागृत हो, इसलिए कामराज महिलाओं को देना चाहिए
7. कामराज के दुसरे प्रकार भी पाए जाते हैं क्या ?
जी हां कामराज या यूं कहें कामोत्तेजक गुण वाले जड़ी बूटी बहुत सारे पाये जाते हैं जिसे दुसरे क्षेत्रों में कामराज जड़ी कहा जाता होगा और पुरुषों को दिया जाता होगा
पर मेरे फार्मुला में लाल पत्ते के छोटे कामराज का प्रयोग किया जाता है जिसे महिलाएं सेवन करती है और जीवन शैली में बदलाव लाती हैं !
8. कामराज के सेवन कितने दिन तक किया जाता है ?
कामराज का सेवन महीने भर तक करने से उचित परिणाम देखने को मिलता है, बस कड़वी चीज का सेवन इन दिनों ना करें
और पानी से ज्यादा दुध के सेवन से अधिक लाभ प्राप्त होगा !
नोट - अलग अलग स्थान पर वैद्य लोग अपने हिसाब से दवा का नाम ले सकते हैं इसमें कोई संशय नहीं होना चाहिए, बल्कि आपको अपने रोग के लिए उचित औषधि मिल रहा है इस बात पर ध्यान देना चाहिए
मेरे इस पोस्ट पर कमेंट करके कोई अन्य सवाल हो तो पुंछ सकते हैं और अन्य जड़ी बूटी से जुड़ी जानकारी के लिए इस बेवसाइट के बाकी पोस्ट पढ़ सकते हैं
धन्यवाद - वैद्यराज
छत्तीसगढ़ जड़ी बूटी
Tags
Jadi buti
