शतावरी के फायदे अनेक Shatavari Herbs

(Shatavari)


शतावरी पुरुषों और महिलाओं के लिए वरदान है 

हमारे छत्तीसगढ़ में शतावरी को "नारभोज" नार कांटा कहते हैं और इसे हरेली त्यौहार में कंद मूल को लाकर उबालकर खाया जाता है और साथ ही बैल बकरियों को भी खिलाया जाता है, और इसके ताजी अवस्था में लाकर उबालकर कर और छिलका उतारकर फिर सुखने पर पाउडर बना के रख लें और वहीं इसका प्रयोग रात को सोने से पहले करेंगे तो बहुत शक्तिशाली प्रदर्शन दिखाता है तो आईए जानते हैं इसके फायदे और नुकसान के बारे 

Shatavari Benefits

आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी, असंतुलित खानपान और मानसिक तनाव के कारण हमारा शरीर समय से पहले बूढ़ा और कमज़ोर होने लगता है, आयुर्वेद में इस समस्या का बेहद सटीक समाधान छुपा है, और उस समाधान का नाम है — शतावरी 

शतावरी को आयुर्वेद में "जड़ी-बूटियों की रानी" Queen of Herbs कहा जाता है। 



संस्कृत में शतावरी का अर्थ होता है "सौ पतियों को संभालने वाली" या "जिसकी सौ जड़ें हों" यह मुख्य रूप से महिला स्वास्थ्य, प्रजनन क्षमता Fertility और शारीरिक शक्ति को बढ़ाने के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है 

लेकिन क्या शतावरी केवल महिलाओं के लिए है? 

इसे कब और कैसे लेना चाहिए? 


इस  आर्टिकल में हम शतावरी से जुड़े हर एक पहलू को  समझेंगे 

शतावरी क्या है ?  What Is Shatavari

शतावरी, जिसका वैज्ञानिक नाम एस्पेरेगस रेसमोसस Asparagus racemosus है, हिमालय और भारत के मैदानी इलाकों में पाई जाने वाली एक कांटेदार झाड़ीदार वनस्पति है , इसकी बेलों के नीचे उंगलियों जैसी लंबी कई जड़ें गुच्छों में होती हैं, और इन्हीं जड़ों का उपयोग मुख्य रूप से औषधि के रूप में किया जाता है !

आयुर्वेद के अनुसार, शतावरी एक शक्तिशाली 'रसायन'  यानी शरीर को फिर से युवा और ऊर्जावान बनाने वाली बूटी है, इसमें वात और पित्त दोष को शांत करने के विशेष गुण होते हैं, इसका स्वाद हल्का मीठा और कड़वा होता है, और इसकी तासीर ठंडी शीत होती है।

शतावरी का पोषण संबंधी मूल्य Nutritional Value of Shatavari

शतावरी की जड़ों में कई ऐसे सक्रिय तत्व पाए जाते हैं, जो इसे एक बेहतरीन सुपरफूड बनाते हैं:

स्टेरॉयड सैपोनिन Shatavarins यह इसका सबसे मुख्य एक्टिव घटक है, जो शरीर में हार्मोन्स को संतुलित करने में मदद करता है।

फ्लैवोनोइड्स और क्वेरसिटिन: ये शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स हैं जो फ्री-रेडिकल्स से लड़ते हैं。

विटामिन्स और मिनरल्स: इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस और पोटैशियम पाया जाता है।

डाइट्री फाइबर: यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है।

शतावरी के मुख्य स्वास्थ्य लाभ 

 आयुर्वेदिक मान्यताओं के आधार पर, शतावरी के प्रमुख फायदे ऐसे हैं 

1. महिलाओं के हार्मोन्स और प्रजनन स्वास्थ्य के लिए वरदान शतावरी को विशेष रूप से महिलाओं के प्रजनन तंत्र को मजबूत करने के लिए जाना जाता है।

हार्मोनल संतुलन: यह एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे आवश्यक महिला हार्मोन्स को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करती है।

पीरियड्स की अनियमितता: जिन महिलाओं को पीरियड्स समय पर नहीं आते या बहुत अधिक ब्लीडिंग  होती है, उनके लिए इसका सेवन अत्यधिक लाभकारी है।

फर्टिलिटी (प्रजनन क्षमता) बढ़ाना: शोध के अनुसार, यह ओव्यूलेशन (अंडे बनने की प्रक्रिया) में सुधार करती है, जिससे गर्भधारण की संभावना बढ़ती है।

2. स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए उपयोगी 

प्रसव  के बाद कई माताओं में पर्याप्त मां का दूध न बनने की समस्या होती है। शतावरी एक बेहतरीन गैलेक्टागॉग है, जो प्रोलैक्टिन हार्मोन के स्तर को बढ़ाकर मां के दूध के उत्पादन और उसकी गुणवत्ता में सुधार करती है।

3. रजोनिवृत्ति  के लक्षणों में राहत

45 से 50 वर्ष की उम्र में जब महिलाओं के पीरियड्स बंद होने वाले होते हैं, तो शरीर में भारी हार्मोनल बदलाव आते हैं। साल 2018 और हालिया क्लिनिकल स्टडीज के अनुसार, शतावरी का नियमित सेवन हॉट फ्लैशेस
अचानक गर्मी लगना, रात में पसीना आना, चिड़चिड़ापन और अनिद्रा जैसी मेनोपॉज की समस्याओं को काफी हद तक कम कर देता है।

4. तनाव और एंग्जायटी को कम करना 

शतावरी एक एडाप्टोजेन है। इसका मतलब है कि यह शरीर को मानसिक और शारीरिक तनाव से लड़ने की शक्ति देती है। यह दिमाग को शांत करती है, जिससे तनाव से होने वाले सिरदर्द, चिंता और डिप्रेशन में आराम मिलता है।

5. शक्तिशाली शतावरी में  एंटीऑक्सीडेंट तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता Immunity को कई गुना बढ़ा देते हैं.

6. पाचन तंत्र और अल्सर में मददगार

शतावरी पेट के एसिड को शांत करती है। जानवरों पर हुए अध्ययनों जैसे 2005 की एक रिसर्च से पता चलता है कि यह गैस्ट्रिक अल्सर पेट के छालों‌को ठीक करने में एलोपैथिक दवाओं जितनी ही प्रभावी पाई गई है। यह कोलाइटिस और अपच जैसी समस्याओं में भी राहत देती है।

7. पुरुषों के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद



अक्सर लोग सोचते हैं कि शतावरी सिर्फ महिलाओं के लिए है, लेकिन ऐसा नहीं है। पुरुषों में यह शुक्राणुओं Sperm Count की संख्या और उनकी गतिशीलता में सुधार करती है। यह पुरुषों की शारीरिक सहनशक्ति Stamina, जीवन शक्ति और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बेहतर बनाने में सहायक है।

शतावरी के विभिन्न प्रकार और उपयोग का तरीका How to Use Shatavari

बाज़ार में शतावरी मुख्य रूप से निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है, जिन्हें आप अपनी सुविधा के अनुसार चुन सकते हैं 

शतावरी का रूप उपयोग करने का सबसे सही तरीका
शतावरी चूर्ण 2-3 ग्राम चूर्ण को रात में गुनगुने दूध या शहद के साथ लें।

 इसे प्रजनन क्षमता और शारीरिक ताकत बढ़ाने के लिए भोजन में मिलाकर खाया जाता है।

शतावरी के नुकसान और सावधानियां Side Effects and Precautions

शतावरी को लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए पूरी तरह सुरक्षित माना गया है, फिर भी कुछ स्थितियों में इसके दुष्प्रभाव या नुकसान देखे जा सकते हैं:

एलोपैथी दवाओं के साथ रिएक्शन: यदि आप पहले से ही शुगर Diabetes या ब्लड प्रेशर की दवाएं ले रहे हैं, तो शतावरी लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें, क्योंकि यह ब्लड शुगर को कम कर सकती है।

एलर्जी की समस्या: जो लोग एस्पेरागस शतावरी प्रजाति की अन्य सब्जियां से एलर्जिक हैं, उन्हें त्वचा पर खुजली, चकत्ते या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

मूत्रवर्धक प्रभाव Diuretic Effect शतावरी शरीर से पानी बाहर निकालने का काम करती है। यदि आप पहले से ही कोई यूरिन बढ़ाने वाली Diuretic दवा ले रहे हैं, तो इसका सेवन न करें, अन्यथा डिहाइड्रेशन हो सकता है।

वजन बढ़ना: कफ प्रकृति वाले लोगों में इसके अधिक सेवन से हल्का वजन बढ़ सकता है, क्योंकि यह पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाती है।

महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर 

प्र.1 क्या पुरुष भी शतावरी का सेवन कर सकते हैं?

उत्तर: जी हाँ, पुरुष भी बेझिझक शतावरी का सेवन कर सकते हैं। यह पुरुषों में शारीरिक कमजोरी दूर करने, स्टैमिना बढ़ाने, तनाव कम करने और स्पर्म की क्वालिटी को बेहतर बनाने में बहुत मददगार है।

प्र.2 शतावरी का असर दिखने में कितने दिन का समय लगता है?

उत्तर: शतावरी एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, इसलिए यह धीरे-धीरे लेकिन जड़ से काम करती है। आमतौर पर शरीर में इसके सकारात्मक बदलाव देखने के लिए 4 से 6 सप्ताह (लगभग 1 महीना) का नियमित समय लगता है।

प्र.3 क्या वजन बढ़ाने के लिए शतावरी का उपयोग किया जा सकता है?

उत्तर: हाँ, जो लोग बहुत पतले हैं और अपना वजन स्वस्थ तरीके से बढ़ाना चाहते हैं, वे शतावरी चूर्ण को अश्वगंधा के साथ मिलाकर दूध के साथ ले सकते हैं। यह शरीर के मासपेशियों (Muscle mass) को बढ़ाने और भूख में सुधार करने में मदद करती है।

प्र.4 क्या गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान शतावरी लेना सुरक्षित है?

उत्तर: हालांकि आयुर्वेद में इसे पारंपरिक रूप से सुरक्षित माना गया है, लेकिन आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और चिकित्सा विशेषज्ञ गर्भावस्था के दौरान बिना डॉक्टर की लिखित सलाह के किसी भी सप्लीमेंट को न लेने की सलाह देते हैं।

प्र.5 शतावरी को कब खाना चाहिए — सुबह या रात में?

उत्तर: शतावरी का सेवन करने का सबसे सही समय रात को सोने से पहले गुनगुने दूध के साथ माना जाता है, क्योंकि यह अनिद्रा को दूर करती है और रात भर शरीर को पोषण देती है। हालांकि, इसे सुबह खाली पेट भी लिया जा सकता है।

प्र.6 क्या शतावरी के सेवन से कोई आदत या लत पड़ती है?
उत्तर: नहीं, शतावरी पूरी तरह से प्राकृतिक और गैर-नशीली जड़ी-बूटी है। इसके सेवन से शरीर को इसकी कोई लत या आदत नहीं लगती है और आप जब चाहें इसे सुरक्षित रूप से बंद कर सकते हैं।

नोट - शतावरी वास्तव में आयुर्वेद का एक अनमोल उपहार है जो न केवल महिलाओं के आंतरिक स्वास्थ्य को संवारता है, बल्कि पुरुषों के लिए भी उतना ही गुणकारी है। यदि आप अपने जीवन से तनाव को दूर करना चाहते हैं, इम्युनिटी को मजबूत करना चाहते हैं और अपनी खोई हुई ऊर्जा वापस पाना चाहते हैं, तो शतावरी को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना सकते हैं।

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धन्यवाद !

वैद्यराज 
छत्तीसगढ़ जड़ी बूटी 

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